Monday, 11 May 2015

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Sunday, 24 August 2014

PADHO PARDESH YOJNA FOR MINORITY STUDENTS

GOOD NEWS FOR JAIN MINORITY STUDENTS
PADHO PARDESH YOJANA
This scheme is being put together by the Ministry of Minority Affairs and the Finance Ministry to provide minority  community students with better opportunities for higher overseas education (Masters and PhD level) abroad.
With this scheme the interest on overseas edu. loan during the period of moratorium will be borne by the Govt. After the period of moratorium, int. on the outstanding amt of loan for overseas edu. will be paid by the student, in accordance with the provisions of the existing edu. loan scheme of banks.
The icing on the cake is that there is 30 % reservation for Female gender.
Eligibility criteria to avail benefits:
• Total family income should not exceed Rs 6 lakh a year.
• Should have completed bachelors from recognized university or institution in regular mode.
• Overseas education loan must be availed from designated banks only.
This scheme is boon for students belonging to economically weaker section of notified minority communities
Issued in public interest by
ALL INDIA JAIN MINORITY CELL



WORKSHOP ON BENEFITS OF MINORITY STATUS TO JAIN COMMUNITY BY SANDIP BHANDARI IN AHMEDNAGAR

WORKSHOP ON BENEFITS OF MINORITY STATUS TO JAIN COMMUNITY BY SANDIP BHANDARI IN AHMEDNAGAR
ORGINISED BY SAKAL JAIN SAMAJ OF AHMEDNAGAR.







Thursday, 1 May 2014

OBJECTIVES OF JAIN MINORITY CELL


अखिल भारतीय जैन अल्पसंखयक सल - प्रस्तावना 

अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली धरोहर के स्वामी जैन समाज को आखिरकार केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यांक दर्जा प्रदान किय है।  आधी सदी से समाज के अग्रणी इसकी लिये प्रयासित थे।  पिछले दो दशकों मे तो कॉफी प्रयास किये गये फल स्वरुप समाज को अल्पसंख्यांक दर्जा मिल गया। गौरतलब है कि देश के ११ राज्यों मे पहले से ही जैन समज को अल्पसंख्यांक दर्जा प्राप्त है।  महाराष्ट्र मे तो पिछले दस वर्षो से यह दर्ज प्राप्त होने के बावजूद जन जाग्रति के आभाव मे समाज इसके लाभ नही ऊठा पाया है।   

जैन समाज को केंद्र शासन द्वारा अल्पसंख्यक दर्जा मिलनेसे समाज बंधुओ को इसका क्या लाभ है.....? शासन द्वारा क्या योजनाये है.....? इन योजनाओ का लाभ हम कैसे उठा सकते है......? हमारे तीर्थ स्थलों को किस प्रकार के फायदे है और किस प्रकार से अब उन्हें सुरक्षा मिल सकते है, शैक्षणिक संस्थाओ को क्या लाभ मिलसकता है ऐसे कई प्रश्न जैन बंधुओ के मन मे अनउत्तरित है। 
जैन समाज जो हमेशा देता आया है उसे सरकार से कुछ लेनेकी क्या जरुरत है।  हमे अनुदान क्यों चाहिए , दर्जा मिलनेसे हम देश के मुख्य प्रवाह से अलग तो नहीं होगे, ऐसे भी कुछ सवाल कुछ समाज बंधुओ के मन मे घर कर रहे है। 
जैन समाज सर्व साधारण रूप से सक्षम है परन्तु बहोत से समाज बांधव अल्प उत्पन्न की श्रेणी मे भी आते है , ऐसे परिवारो के बच्चो के लिए उच्च शिक्षा के लिए, व्यापार वृद्धि के लिए, स्वयंरोजगार के लिए अल्पसंखयक दर्जा की बहोत एहमियत है।
जैन समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंखयक समाज का दर्जा प्राप्त होने से जैन समाज समाज का हर एक घातक सक्षम होगा और जैन समाज का सर्वांगीण विकास होगा, लकिन यह तभी संभव है जब अल्पसंखयक विषय पर जैन समाज मे जागरूकता आयेंगी और सरकार द्वारा घोषित योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुचेंगी।
यही बागीरथी कार्य करनेके लिए ऑल इंडिया जैन माइनॉरिटी सेल (अखिल भारतीय जैन अल्पसंखयक सेल) की स्थापना राष्ट्रीय अध्यक्षललितजी गांधी के नेत्तृत्व मे की गई है। 
जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जा मिलनेसे जैन समाज का नया पर्व शुरू होगया है और हमे आशा ही नहीं पर पूरा विशवास है की जैन समाज जो पहेले से ही सक्षम था वो अब और सक्षम बन कर देशकी उन्नति मे योगदान देगा। अल्पसंखक का दर्जा मिलनेसे जैन समाज जो हजारो वर्षो से एक स्वत्रंत धर्म है उसको मान्यता प्राप्त हो गयी है और इसका विशेष कर जैन समाज को आनंद है। 
सभी प्रमुख शहरों मे जैन माइनॉरिटी सेल के माध्यम से अल्पसंख्यक दर्जा मिलनेसे जैन समाज को मिलने वाले सुविधा और योजनाओ की जानकारी देने हेतु विशेष कार्यालय की स्थापना की जायंगी जहा समाज के लोगो को योजनाओ का लाभ मिलने हेतु पूर्ण मार्गदर्शन किया जायेगा और सहायता की जायंगी।
जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जा से मिलने वाली सुविधा, योजनाओ से अवगात करवाने के लिए एक किताब प्रकाशित होने जा रही है जिसमे सरकार द्वारा अल्पसंख्यक के लिए घोषित विभिन्न योजनाओ की जानकारी तथा योजनाओ का लाभ लेने हेतु दिशानिर्देश होगे जैसे की विद्यार्थीयो के लिए शीष्यवृत्ति, उच्च शिक्षा के लिए लोन, व्यापारियों के लिए अल्प ब्याज पर लोन, महीलाओ के लिए विविध योजनाये, शिक्षण संस्था, धार्मिक संस्था के लिए उपलब्ध अनुदान तथा विशेष सुरक्षा योजनाये और ऐसे कई योजनाओ की विस्तार से जानकारी इस किताब मे उपलब्ध होगी। यह किताब जैन समाज के प्रत्यक घटक के लिए  अत्यंत उपयुक्त साबित होगी।

- संदीप भंडारी



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Monday, 28 April 2014